सोमवार, 29 अगस्त 2011


दूध गो बिलोवानो और दूध नै बिलोवानो
आज काल दोनों ही बदलज्ञा
बड़े सै माटी गे बिलोवाने मै दो भेस्या गो दूध होवान्तो
बड़ो सो झेरनो लेगे मेरी दादी नेतर सूं बिलोवंती
तो सूरज सदा ही झगर-मगर गी आवाज सुण के ही उगतो
...आज घर में अलुमिनियम गे देच्के मै ५ शेर हूँ ज्यादा धार कोणी होवे
मधानी झगर तो बोले है मगर मगर कोणी बोले
सूरज ने देखगे लगे है की मन मारगे उग्यो है
और मन मारगे उगेडो सूरज फेर किस्या निहाल करेगो